मुंगेर: बिहार योग विद्यालय के परमाचार्य स्वामी निरंजनानंद को मिला पद्मभूषण

विश्व में योग का अलख जगाने वाले बिहार योग विद्यालय मुंगेर के परमाचार्य स्वामी निरंजनानंद सरस्वती को रविवार को पद्मभूषण अलंकरण भेंट किया गया। मुंगेर के डीएम उदय कुमार सिंह ने योग विद्यालय के पादुका दर्शन आश्रम में उन्हें पद्मभूषण अलंकरण सौंपा।

पंचाग्नि साधना की वजह से नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में स्वामी निरंजनानंद शामिल नहीं हो पाए थे। इस वजह से केंद्र सरकार ने राज्य सरकार और फिर राज्य सरकार ने मुंगेर के डीएम को राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के तौर पर पद्मभूषण अलंकरण सौंपने का निर्देश दिया।
स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने यह सम्मान मुंगेर में योग की नींव रखने वाले स्वामी शिवानंद और स्वामी सत्यानंद को समर्पित किया।

उन्होंने कहा कि योग विद्या के प्रचार-प्रसार का कार्य 1930 में शुरू हुआ। योग क्या था, उस समय कोई नहीं जानता था। स्वामी शिवानंद ने मुंगेर में योग को स्थापित करने के लिए बंजर खेत को तैयार किया। इस तैयार खेत में योग और अध्यात्म का बीजारोपण स्वामी सत्यानंद ने किया। अब वे उसी तैयार फसल को काटकर समाज में वितरित कर रहे हैं। यह सम्मान उन दो मनुष्यों, दो गुरुओं का है। यह सम्मान उनका है, उपलब्धि, प्राप्ति उनकी है, उसे विनम्रतापूर्वक ग्रहण कर वे पुन: इस जिम्मेदारी के लिए तैयार हुए हैं।

स्वामी निरंजनानंद ने कहा कि योग का अलख जगाने के लिए उन्हें जो जिम्मेवारी मिली है, वे उनका बखूबी पालन कर रहे हैं। भगवान हमें इतनी शक्ति प्रदान करं कि इस जिम्मेवारी को जीवनभर आगे बढ़ा सकें। मौके पर रिखियापीठ की परमाचार्य स्वामी सत्संगानंद, वण-पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव (भारत सरकार) अजय नारायण झा, प्रमंडलीय आयुक्त नवीन चंद्र झा सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी कार्यक्रम में मौजूद थे।