बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत देश के अन्य राज्यों में चल रहे किसानों के आन्दोलन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथ लिया है. बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने अपने चुनाव अभियान के दौरान जो वादे किए थे उन्हें पीएम बनने आने के बाद पूरे नहीं किए हैं. नीतीश ने इल्जाम लगाया कि पीएम किसानों से किए हुए वादे भूल गए हैं.

बिहार के मुखिया ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के किसानों के साथ अन्याय किया है. नीतीश ने कहा कि किसानों का लोन माफ़ करने से उनका संकट ख़त्म नहीं होगा. सरकार को अन्नदाताओं को मूल्य से ज्यादा फसल की कीमत देनी चाहिए.

नीतीश ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने के मोदी सरकार के वादे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज किसान की आमदनी ग्रुप डी के कर्मचारी से भी कम है. उनके लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनानी चाहिए. नीतीश ने साथ ही चुनौती भी दे डाली कि हिम्मत है तो बिहार और यूीप में चुनाव करवाकर देख लो.

अमित शाह पर भी साधा निशाना

नीतीश कुमार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर अमित शाह की टिप्पणी को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर निशाना साधा. शाह का नाम लिए बिना नीतीश ने कहा कि देश में संवेदनहीनता और असहिष्णुता के बढ़ते माहौल से गांधी के विचार ही मुक्ति दिलाएं.

किसान आंदोलन और बीजेपी का संकट

बता दें कि किसानों आंदोलन को लेकर इन दिनों बीजेपी शासित मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में घमासान छिड़ा हुआ है. उत्तर प्रदेश में किसानों का 1 लाख तक का कर्ज माफ करने के बाद इन दोनों राज्यों में भी ऐसी ही मांग उठ रही है. इसके अलावा किसान फसलों-सब्जियों का दाम बढा़ए जाने की भी मांग कर रहे हैं. इसे लेकर मध्य प्रदेश में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो उठा जिसके बाद पुलिस फायरिंग में 5 लोगों की मौत हो गई. इसके बाद सीएम शिवराज सिंह ने किसानों को मनाने के लिए उपवास भी रखा और किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया. पर मामला अभी भी शांत नहीं हुआ है.