bihar board matric result 2017
आखिरकार मार्च 2017 में बिहार बोर्ड मैट्रिक की परीक्षा देने वाले करीब 17 लाख छात्रों का इंतजार खत्म हुआ. बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) 10वीं कक्षा ( मैट्रिक ) का रिजल्ट जारी कर दिया है. विद्यार्थी अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.biharboard.ac.in पर देख सकते हैं.

आखिरकार मार्च 2017 में बिहार बोर्ड मैट्रिक की परीक्षा देने वाले करीब 17 लाख छात्रों का इंतजार खत्म हुआ. बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) 10वीं कक्षा ( मैट्रिक ) का रिजल्ट जारी कर दिया है. विद्यार्थी अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.biharboard.ac.in पर देख सकते हैं. इस साल 10वीं बोर्ड के एग्जाम 1 मार्च से 8 मार्च 2017 तक आयोजित किए गए थे. रिजल्ट बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने जारी किया. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आके महाजन भी परीक्षा परिणाम जारी करने के समय वहां उपस्थित थे. कुल 51.3 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं.  बिहार बोर्ड में 8 लाख 56 हजार से अधिक बच्चे पास हो गए हैं. 40 फीसदी से अधिक छात्राएं पास हो गई हैं. जबकि 49.6 फीसदी छात्र सफल हुए हैं.

बीएसईबी अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि इस परीक्षा के टॉपर्स की पहले ही चांच हो गई है. गोविंद हाई स्कूल के छात्र प्रेम कुमार ने टॉप किया है. सिमुलतला स्‍कूल की भव्या कुमारी दूसरी टॉपर हैं. आनंद किशोर ने बताया है कि इस साल 51 प्रतिशत पास हुए हैं. साथ ही फर्स्‍ट डिवीजन में 14 प्रतिशत बच्‍चे पास हुए हैं. 2nd डिवीजन में 27 प्रतिशत बच्‍चे और 3rd डिवीजन में 9.33 प्रतिशत बच्‍चे पास हुए हैं.

इस साल कक्षा 10वीं में टॉप करने वाले सभी 10 छात्र एक ही स्‍कूल से हैं. ये स्‍कूल जमुई में है और इसका नाम है सिमुलतला स्‍कूल. इसे राज्‍य के बेस्‍ट स्‍कूलों में गिना जाता है.पिछले साल कुल पास प्रतिशत करीब 44 प्रतिशत रहा है.

बीएसईबी ने रिजल्ट की घोषणा दोपहर 1.15 बजे की. हालांकि पहले रिजल्ट जारी करने का समय 11 बजे तय किया गया था. लेकिन आज केसरीनाथ त्रिपाठी के राज्यपाल पद के शपथ ग्रहण के चलते रिजल्ट में देरी की गई.

पारदर्शिता के लिए बोर्ड ने कई कदम उठाए

इस बार बोर्ड ने रिजल्ट में किसी तरह के विवाद से बचने के लिए एक्सपर्ट्स द्वारा टॉपरों की कॉपियों की जांच करवाई गई. किसी तरह के विवाद से बचने के लिए बिहार बोर्ड ने मैट्रिक के टॉपरों का भौतिक सत्यापन कराया. एक्सपर्ट्स की टीमों ने टॉपर विद्यार्थियों से प्रश्न भी पूछे. ग्रेस मार्क्स पर बोर्ड के फैसले के बाद ही रिजल्ट में दो-तीन की देरी की गई. बोर्ड ने नए नियमों के आधार पर रिजल्ट तैयार किया.

इसलिए बेहतर रहा रिजल्ट

जैसा की उम्मीद की जा रही थी, इस बार बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट पिछले साल की अपेक्षा बेहतर रहा. Bihar Board Matric में छात्रों को ग्रेस मार्क्स मिले. ग्रेस मार्क्स पर बिहार बोर्ड के फैसले के अनुसार छात्रों को 8 फीसदी अंक तक ग्रेस मिले. वहीं डिविजन में कुछ अंक से छूटने पर छात्रों को 5 अंक या कम का लाभ दिया गया. इससे विद्यार्थियों के कुल पास प्रतिशत में इजाफा हुआ है.