बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के घर तीन सरकारी डॉक्टर तैनात किए जाने पर इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IGIMS) के सुप्रींडेंट ने सफाई दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, IGIMS के चिकित्सा अधीक्षक (मेडिकल सुपरिटेंडेंट) प्रभात कुमार सिन्हा ने कहा कि डॉक्टरों को आधिकारिक आदेश के कारण लालू यादव के घर पर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि तेज प्रताप यादव स्वास्थ्य मंत्री और इस इस्टीट्यूट (IGIMS) के चेयरमैन हैं, इसलिए उनके आदेश को प्राथमिकता दी गई है। वह स्वास्थ्यमंत्री के आदेश मानने से इनकार नहीं कर सकते।

सिन्हा ने मीडिया को बताया कि डॉक्टरों की ड्यूटी सुबह और शाम के लिए लगाई गई है। आपको बता दें कि एक चिट्ठी से खुलासा हुआ है कि इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईजीआईएमएस) की डॉक्टरों की एक टीम लालू की देखभाल के लिए उनके घर पर तैनात रही। इसके बाद तेज प्रताव यादव और उनके परिवार को लेकर विवाद शुरू हो गया है।

खबरों के अनुसार, इस साल मई में लालू यादव की तबीयत खराब हुई थी, जिसके बाद आईजीआईएमएस के तीन डॉक्टर और दो नर्स की टीम को इलाज के लिए उनके घर भेजा गया। टीम ने नौ दिनों तक पूर्व सीएम की देखभाल की। बताया जा रहा है कि तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास पर डॉक्टरों की टीम को भेजा गया था।

इस पर बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने लालू पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय पर जब इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में मरीजों का भारी दबाव है, ऐसे समय में लालू सरकारी खर्चे पर सरकारी डॉक्टरों से इलाज करवा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपने पिता के इलाज के लिए डॉक्टरों की पूरी टीम को लगा दी है। लेकिन उन्हें जनता की परवाह नहीं है।