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देश के जाने-माने ईएनटी सर्जन डॉ. सतीश जैन ने नैक कोबलेशन मेथड से नाक में बढ़े मांस को बाहर निकाला। इसके अलावा थायराइड, कान के फटे पर्दे, आंसू की थैली का भी ऑपरेशन किया गया। (Source : livehindustan.com)

डॉक्टर्स डे पर मायागंज अस्पताल में शनिवार को दो दिवसीय लाइव सर्जरी सह वर्कशॉप (ईएनटी वर्कशॉप) की शुरुआत हुई। पहले दिन 12 में पांच मरीजों का ऑपरेशन किया गया। सबसे ज्यादा एंजियोफाइब्रोमा के मरीज थे। इसमें नाक के अंदर मांस बढ़ने और उससे खून निकलने से मरीज की स्थिति खराब हो जाती है।

देश के जाने-माने ईएनटी सर्जन डॉ. सतीश जैन ने नैक कोबलेशन मेथड से नाक में बढ़े मांस को बाहर निकाला। इसके अलावा थायराइड, कान के फटे पर्दे, आंसू की थैली का भी ऑपरेशन किया गया। सेमिनार हॉल में बैठे करीब 65 डॉक्टरों ने लाइव सर्जरी देखी। इस बीच उन्होंने सवाल जवाब भी किए।

डॉ. जैन ने सर्जरी की तकनीक से भी डॉक्टरों को रूबरू कराया। अब सात मरीजों का रविवार को ऑपरेशन किया जाएगा। शाम में कला केंद्र में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अर्जुन कुमार सिंह ने विधिवत उद्घाटन कर नई तकनीक से ऑपरेशन करने को प्रेरित किया। इस दौरान सत्र 2012-2017 के अंकित वत्स को ईएनटी में सबसे अधिक मार्क्स लाने के लिए सम्मानित किया गया।

कॉलेज स्थापना दिवस के मौके पर डॉ. एसपी सिंह एओआई ईएनटी गोल्ड मेडल अवार्ड 2017 दिया जाएगा। एसोसिएशन ऑफ ओटिरलिंजोलॉस्टिक की ओर से आयोजित इस लाइव सर्जरी की शनिवार सुबह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरसी मंडल ने केक काटकर शुरुआत की। वहीं, शाम में कला केंद्र में उद्धाटन भाषण में प्राचार्य डॉ. अर्जुन कुमार सिंह ने कहा कि नई तकनीक से ऑपरेशन तो आसान हुआ है।

डॉक्टरों को लाइव सर्जरी और वैज्ञानिक सत्र का फायदा उठाना चाहिए। वहीं, डॉ. सतीश जैन ने ऑपरेशन की नई तकनीक से गंभीर से गंभीर ऑपरेशन किए जाने की जानकारी दी। इस मौके पर एओआई के चयनित अध्यक्ष डॉ. बीके सिंह, पूर्व अध्यक्ष डॉ. बीके रॉय, दरभंगा से प्रो. बीके राय, डॉ. आशुतोष कुमार, पटना से डॉ. शैलेंद्र शर्मा, डॉ. ब्रजभूषण वाजपेयी, डॉ. सीके सिन्हा, डॉ. त्रिभुवन कुमार, पूर्णिया से डॉ. बीके सिंह सहित कई पीजी स्टूडेंट मौजूद थे।