आधारभूत संरचनाओं एवं अन्य न्यूनतम कमियों के कारण राज्य सरकार ने मगध यूनिवर्सिटी के 61 सामान्य डिग्री कॉलेजों की सम्बद्धता रद्द कर दिया है। वहीं 64 कॉलेजों की सम्बद्धता बरकरार रखी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वैसे सभी कॉलेजों जिनकी सम्बद्धता अस्वीकृत की गई है। वहां नामांकन पर रोक लगा दिया है। बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एमयू के वीसी प्रो. कमर अहसन ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि जिन कॉलेजों की सम्बद्धता रद्द की गई है, ऐसे कॉलेजों की सूची विवि के वेबसाइट पर अपलोड किया जायेगा। ताकि गलत तरीके से छात्रों का नामांकन लेने से उन्हे रोका जा सके। साथ ही इन कॉलेजों के परीक्षा प्रपत्र लेने पर भी रोक लगा दिया गया है। परीक्षा प्रपत्र स्वयं विश्वविद्यालय स्वीकार करेगा। वीसी ने बताया कि जिन कॉलेजों में बिना सम्बद्धता प्राप्ति के सत्र 2016-17 में छात्रों का नामांकन बीए पार्ट वन में ले लिया गया है, उन कॉलेजों के परीक्षार्थियों की परीक्षा प्रपत्र संबद्धता प्राप्त कॉलेजों से अग्रसारित किया जायेगा। वहीं सत्र 2017-18 के लिए संबद्धता नहीं मिलने वाले कॉलेजों में नामांकन पर रोक लगाने की अनुशंसा की गई है। कुपलति ने कहा कि वैसे कॉलेजों की संबद्धता 2016-17 या 2015-16 में संबद्धता थी और बीए पार्ट वन में दाखिला ले लिया है, वैसे कॉलेजों के छात्रों को बीए पार्ट टू व थ्री की परीक्षा की अनुमति दी जायेगी। यदि सत्र 2015-16 में स्नातक प्रथम खंड के सफल छात्र दूसरे खंड में परीक्षा फार्म भर दिये हैं। उनका परीक्षा प्रपत्र सरकार के द्वारा संबद्धता प्राप्त कॉलेजों से अग्रसारित होने के बाद स्वीकार होगा।शैक्षणिक संस्थानों की मनमानी नहीं चलेगीछात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले और डिग्री की दुकान चलाने वाले शिक्षण संस्थानों पर एमयू प्रशासन कड़ा रूख अख्तियार कर चुका है। वीसी प्रो. कमर अहसन ने दो टूक कहा है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले संस्थानों को छोड़ा नहीं जायेगा। विश्वविद्यालय का निर्णय छात्र हीत में है। वीसी ने कहा कि सम्बद्धता प्राप्त करने के लिए विवि के द्वारा स्थल निरीक्षण और ऑडिट किया जाता है। सीनेट और सिंडिकेट की मंजूरी के बाद राज्य सरकार के पास सम्बद्धता के लिए भेजा जाता है। इन कॉलेजों को सम्बद्धता प्राप्त करने में अगर विवि के अधिकारी या कर्मी सहयोग किए हो तो इसकी भी जांच होगी और जो कर्मचारी दोषी होंगे उनपर कार्रवाई की जायेगी।