बिहार के लिए वर्षों के अरमान के पूरा होने का ऐतिहासिक दिन रहा। वीर कुंवर सिंह सेतु (आरा-छपरा) और जेपी सेतु (दीघा-पहलेजा घाट) पर गाड़ियां दौड़ने लगीं। वीर कुंवर सिंह सेतु ने आरा से छपरा की दूरी सिर्फ 46 किलोमीटर कर दी। पहले यह 120 किलोमीटर थी। जेपी सेतु (दीघा-पहलेजा घाट) ने सूबे की जर्जर हो चुकी लाइफलाइन महात्मा गांधी सेतु पर अक्सर जाम में फंस जाने वाली ट्रैफिक को नया रास्ता दिया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी आदि की मौजूदगी में इन दोनों पुलों (पहुंच पथ) को जनता को समर्पित किया। इस दौरान राजद-जदयू और कांग्रेस ने अपने महागठबंधन के मजबूत पुल को भी दिखाया। नीतीश, लालू, अशोक, तेजस्वी ने एक-दूसरे की खूब तारीफ की, महागठबंधन को अटूट कहा। बोले-विपक्ष, बिहार की सत्ता को हथियाने का सपना देखता रह जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार चलाने वालों ने बिहार को लेकर जो वायदे किये हैं, उसे पूरा करे। उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर कहा- बिहार को स्पेशल पैकेज व विशेष राज्य का दर्जा मिले। मैंने फिर से इसके लिए ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा-बिहार में जिनके लिए काम हो रहा है उसे पता है। कुछ लोगों को विकास से परेशानी हो रही है। जो तकरार चाहते हैं, वे करते रहें। मेरा विश्वास तो विकास में है और मैं इससे डायवर्ट नहीं होने वाला। मेरे ऊपर जो लोग आरोप लगाते हैं और टिप्पणियां करते हैं, मैं उसे गंभीरता से नहीं लेता। जवाब भी नहीं देता। क्योंकि ऐसा करने से सामने वाले का महत्व बढ़ जाता है। जुबान चलाने वालों के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए।
नीतीश ने कहा-दीघा रेल सह सड़क पुल के निर्माण में बहुत बाधाएं आईं। इसे दूर किया गया। उद्घाटन के वक्त मुझे ही भुला दिया। सड़क पुल में सबसे बड़ा योगदान लालू प्रसाद का था, लेकिन उन्हें भी याद नहीं किया गया। देवेगौड़ा जी के समय 1996 में पुल का शिलान्यास हुआ। रामविलास पासवान रेल मंत्री थे। मैं रेलमंत्री बना तो पता चला कि यह योजना तो मंजूर ही नहीं है। खैर, सबकुछ कराया। लालू प्रसाद रेल मंत्री बने तो उनकी पहल से रेल पुल में सड़क को भी जोड़ा गया।
मुख्यमंत्री ने 138 अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। वीर कुंवर सिंह सेतु जुलाई 2010 से बनना शुरू हुआ। इसको बनाने में 886 करोड़ रुपये लगे। फोर लेन वाला यह पुल 4000 मीटर लंबा है। संपर्क पथ की लंबाई 17 किलोमीटर है। जेपी सड़क सेतु 2006 से बनना शुरू हुआ। सड़क पुल की निर्माण राशि रेल पुल से अटैच है। 2.56 किलोमीटर लंबाई वाले सोनपुर पहुंच पथ को बनाने में 154 करोड़ लगे। पटना पहुंच पथ डेढ़ किलोमीटर लंबा है। लागत-101 करोड़। पहुंच पथ और पुल की कुल लंबाई 8.5 किलोमीटर है।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा-सब मुझसे पूछते रहता है कि नीतीश से संबंध ठीक है न? नीतीश, इधर उधर जा रहे हैं? बताइए, अब ऐसी बातों पर कितनी सफाई दें? मैं तो कई बार कह चुका हूं कि नीतीश से कमिटमेंट है, उनको थम्ब इंप्रेशन दिया है। सत्ता के लिए लार टपकाने वालों को कोई फायदा नहीं होगा। सब कहता है कि नीतीश चुप्पी लगाए हैं। कुछ बोलते नहीं। अरे, ऐसा ही आदमी हरदी-गुरदी बोलवाता है। बोलवाया है। बोलवाएगा। मेरा तो जन्म ही परेशानी नक्षत्र में हुआ है। मैं बंदर घुड़की से डरने वाला नहीं हूं।