Nitish kumar and Ramnath kovind
नीतीश कुमार ने निष्पक्ष राज्यपाल के रूप में सेवा करने के लिए कोविंद के कार्यकाल के दौरान काफी प्रशंसा की है. यही वजह थी कि रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा होते ही नीतीश कुमार रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंचे थे.

राष्ट्रपति चुनाव के लिए बीजेपी की राह और आसान हो गई है. नीतीश कुमार की जेडीयू ने भी राष्ट्रपति के लिए रामनाथ कोविंद का समर्थन करने की बात कह दी है. नीतीश कुमार के घर पर इस बाबत फैसला लिया गया. जेडीयू के इस स्टैंड के बाद विपक्ष को करारा झटका लगा है, जो अपना प्रत्याशी उतारने की सोच रहा था. बीजेपी ने बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद को अपना प्रत्याशी चुना है. नीतीश कुमार ने निष्पक्ष राज्यपाल के रूप में सेवा करने के लिए कोविंद के कार्यकाल के दौरान काफी प्रशंसा की है.रामनाथ कोविंद दलित समुदाय का प्रमुख चेहरा रहे हैं. उन्हें 2015 में बिहार का गवर्नर बनाकर भेजा गया गया. हालांकि जब रामनाथ कोविंद को बिहार भेजा गया था तो उनसे कोई परामर्श नहीं लिया गया था. लेकिन बाद में दोनों के बीच साथ काम करते हुए अच्छा रिश्ता विकसित हो गया था. इसलिए नीतीश के समर्थन की एक वजह यह भी बताई जा रही है. शायद यही वजह थी कि रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा होते ही नीतीश कुमार उनसे मिलने पहुंचे थे.हालांकि सहयोगी आरजेडी ने रामनाथ कोविंद का समर्थन न करने का फैसला किया हुआ है.

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी बनाए गए रामनाथ कोविंद को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा समर्थन दिए जाने की बात कहने पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) नेता डी राजा ने NDTV से कहा, “अगर नीतीश (कुमार) ने (रामनाथ) कोविंद का समर्थन करने का फैसला किया है, तो यह हमारे लिए सेटबैक (झटका) है… सोनिया (गांधी) की पिछली बैठक में 17 ऑपॉज़िशन (विपक्षी) पार्टियां आई थीं… अब देखना होगा कि कल कितनी पार्टियां आती हैं…”

उल्लेखनीय है कि बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजभवन पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी. नीतीश ने कोविंद से मुलाकात के बाद कहा था कि मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर यह प्रसन्नता की बात है कि बिहार के राज्यपाल देश के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित हुए हैं. प्रदेश के राज्यपाल के रूप में उन्होंने बहुत ही बेहतरीन कार्य किया. यह खुशी की बात है कि वे राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित हुए हैं, इसलिए मेरा फर्ज बनता था कि मुख्यमंत्री के रूप में अपने राज्यपाल से मिलूं. मैं अपना सम्मान प्रकट करने के लिए उनसे मिला हूं. उस दिन यह पूछे जाने पर कि क्या रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर जेडीयू का समर्थन है, नीतीश ने कहा था कि इन प्रश्नों का उत्तर पूछना अभी मुनासिब नहीं है. नीतीश ने कहा था कि हमारी लालू जी से भी बातचीत हुई है. सोनिया जी का भी फोन आया था. मैंने अपनी भावना से अवगत भी कराया है, लेकिन इन सब चीजों पर आगे भी बातचीत होगी.