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पाकिस्‍तान को सबसे बड़ा झटका, एफएटीएफ के एशिया पेसिफिक ग्रुप ने किया ब्‍लैक लिस्‍ट

पाकिस्तान को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टाक्स फोर्स (FATF) की क्षेत्रीय इकाई एशिया पेसिफिक ग्रुप (Asia Pacific Group, APG) ने शुक्रवार को टेरर फंडिंग पर लगाम लगा पाने में नाकाम रहने पर पाकिस्‍तान को काली सूची (Blacklist) में डाल दिया। एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि एफएटीएफ के एशिया पेसिफिक ग्रुप ने पाया कि पाकिस्‍तान ने आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के 40 अनुपालन मानकों में से 32 पर खरा नहीं उतरा जिसकी वजह से उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। 

एपीजी के इस फैसले का पाकिस्तान पर व्यापक असर होगा। अब एफएटीएफ अक्टूबर में होने वाली अपनी बैठक में पाकिस्तान को ब्‍लैक लिस्‍ट करने पर फैसला लेगा। यहां बता देना जरूरी है कि इससे पहले पाकिस्‍तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्‍ट में शामिल था। पाकिस्‍तान आतंकियों की फंडिंग के मामले में एफएटीएफ को गुमराह कर रहा है। वह ठोस कार्रवाई करने के बजाए दिखावे के लिए आतंकवादियों और आतंकी समूहों के खिलाफ फर्जी और कमजोर एफआइआर दर्ज कर रहा था। इसे लेकर अमेरिका ने पाकिस्तान को प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की नसीहत दी थी।

अमेरिका ने सख्‍त लहजे में था कि आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए ठोस और संतोषजनक कदम उठाने के बाद ही दुनिया के ज्यादातर देश फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की निगरानी सूची से बाहर निकलने में पाकिस्तान का समर्थन कर सकते हैं। 

एपीजी के इस एक्‍शन से पाकिस्‍तानी अर्थव्‍यवस्‍था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यदि एफएटीएफ भी एपीजी के फैसले पर अपनी मुहर लगा देता है तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था गर्त में चली जाएगी। विदेशी मुल्‍क और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएं उसे कर्ज देना बंद कर देंगी। अभी कुछ ही दिन पहले ही इस्लामाबाद में तैनात अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) की प्रतिनिधि टेरीजा सांचेज ने कहा था कि यदि पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट यानी निगरानी सूची से बाहर नहीं निकला तो उसका हालिया स्वीकृत लोन भी खतरे में पड़ जाएगा।

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