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आईआईटी मंडी से मैकेनिकल ब्रांच से पढ़ाई। कैंपस सेलेक्शन हुआ इसरो में वैज्ञानिक पद के लिए। लेकिन अपने ही राज्य में इस होनहार को परेशान किया जा रहा है। बात हो रही है बिहार के बाढ़ जिले के हर्षित कुमार की। हर्षित को मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए दौड़ाया जा रहा है।

आईआईटी मंडी से मैकेनिकल ब्रांच से पढ़ाई। कैंपस सेलेक्शन हुआ इसरो में वैज्ञानिक पद के लिए। लेकिन अपने ही राज्य में इस होनहार को परेशान किया जा रहा है। बात हो रही है बिहार के बाढ़ जिले के हर्षित कुमार की।
हर्षित को मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए दौड़ाया जा रहा है। सचिवालय के गलियारे में उसे चक्कर काटना पड़ा रहा है। यदि समय पर सर्टिफिकेट नहीं जमा हो पाया तो उसकी नौकरी पर भी खतरा मंडरा सकता है। युवा वैज्ञानिक का आरोप है कि पटना के विकास भवन में विभाग के बाबू द्वारा उसे एवं उसके परिजनों को कार्रवाई के नाम पर परेशान किया जा रहा है।

बाढ़ के बाजिदपुर रोड निवासी दवा व्यवसायी त्रिपुरारी प्रसाद के पुत्र हर्षित का 24 अक्टूबर को कैंपस सलेक्शन हुआ था। उसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की टीम ने राजपत्रित वैज्ञानिक पद के लिए चयन किया। इसके बाद विभाग ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बिहार को चयनित वैज्ञानिक हर्षित कुमार की मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच कर प्रतिवेदन भेजने के लिए पत्र लिखा।

इस पत्र के साथ हर्षित कुमार ने पटना के विकास भवन स्थित सचिवालय में संबंधित कर्मी के पास कार्रवाई के लिए 15 जून को जमा किया। 10 दिनों के बाद भी उसे फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया गया। त्रिपुरारी प्रसाद बताते हैं कि उन्हें दो सप्ताह बाद मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट इसरो में जमा कराना है। लेकिन सचिवालय कर्मी के रवैये से उनका हौसला पस्त हो चुका है।