बिहार प्रांत के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर आरोप लगाए हैं कि उन्हें सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी कर रहे एक शख्स ने 30 लाख 39 हजार की जमीन दान में दे दी. सुशील मोदी के मुताबिक लल्लन चौधरी नामक इस व्यक्ति ने 1088 वर्ग फुट में बने पक्के मकान और चारदिवारी समेत पूरी जमीन उन्हें दान दे दी. ऐसा इसलिए है क्योंकि वे लंबे समय से उसकी आर्थिक मदद और दूसरी सेवाएं करते रहे हैं.

सुशील मोदी ने कहा कि पहले केवल रघुनाथ झा, कांति सिंह, प्रभुनाथ यादव, स्व. सुधा श्रीवास्तव, अब्दुलबारी सिद्दीकी, स्व. बादशाह आजाद द्वारा लालू परिवार को जमीन देने का खुलासा हुआ था. अब इस लिस्ट में लल्लन चौधरी का नाम भी जुड़ गया है. वे कहते हैं कि लल्लन चौधरी ने 30 मार्च 2009 को मकान सहित ये जमीन 3 लाख 97 हजार में खरीदा था और 5 साल बाद 25 जनवरी 2014 को 10 गुणा कीमत पर राबड़ी देवी को ही गिफ्ट कर दिया.

सुशील कुमार मोदी ने किए सवाल
क्या 5 वर्षों में जमीन की कीमत 10 गुणा बढ़ सकती है.
लल्लन चैधरी के पास 3 लाख 97 हजार कहां से आया ?
3.97 लाख भुगतान कैसे किया गया?
फिर मात्र 5 साल में 30 लाख 90 हजार की सम्पत्ति क्यों दान कर दी गई?
लल्लन चौधरी को इस दान से क्या फायदा हुआ?
कोई क्यों 30 लाख का नुकसान सहेगा?
श्रीमती राबड़ी देवी ने क्या आर्थिक मदद की जिसके एवज में श्री चौधरी ने 30 लाख की सम्पत्ति दे दी?

वे आगे कहते हैं कि लल्लन चौधरी राबड़ी देवी के मायके की तरफ से रिश्तेदार है. वह सिवान जिले के सियाडी का रहने वाला है. लल्लन चौधरी राबड़ी देवी के गौशाला में गायों की देखभाल करता है और सचिवालय में उसकी नौकरी भी है. सुशील कुमार मोदी सीधा आरोप लगाते हैं कि राबड़ी देवी ने अपने काले धन के इस्तेमाल से लल्लन चौधरी के नाम पर बेनामी जमीन खरीदी तथा 5 साल बाद दान के माध्यम से अपने ही नाम रजिस्ट्री करवा ली.