VVIP कल्चर खत्म:बिहार में कई मंत्रियों ने तुरंत हटाई लाल बत्ती, तो कई..

कैबिनेट ने केंद्रीय मंत्रियों की लाल बत्ती वाली गाड़ियों पर पाबंदी लगा दी है। ये फैसला एक मई से लागू हो जाएगा। लाल बत्ती के इस्तेमाल पर एक मई से रोक लग जाएगी। एक मई से सड़कों पर चलने वाली मंत्रियों की गाड़ियों पर लाल बत्ती नहीं दिखाई देगी। ये फैसला आते ही बिहार में मंत्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। कुछ मंत्रियों ने तो इस फैसले का स्वागत किया तो कुछ के चेहरे लाल हो गए। तेजस्वी यादव ने कहा, वे हमेशा ही वीवीआईपी कल्चर के खिलाफ हैं।

इधर, गिरिराज सिंह ने तुरंत अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटा डाली। जबकि ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव और ग्रामीण विकास मंत्री शैलेश कुमार इस फैसले से नाराज नजर आए। गिरिराज सिंह ने नवादा लोकसभा के बरबीघा में अपनी खड़ी गाड़ी से तुरंत बत्ती हटा दी। मौके पर गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह एक और जन उपयोगी बड़ा फैसला है। इससे देश में वीआईपी कल्चर खत्म होगा और आम लोगों को अधिक सुविधा मिल सकेगी। इस फैसले से रास्ते में चलने वाले एंबुलेंस को परेशानी नहीं उठानी होगी।

बिहार की राजनीति पर बोलते हुए मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि महागठबंधन स्वार्थ की पूर्ति के लिए बना है और जब तक स्वार्थ रहेगा तब तक गठबंधन चलेगा। मिट्टी और मॉल घोटाले पर तीखा प्रहार करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने चारा घोटाले को भी उजागर किया था। अब मिट्टी घोटाले में उनसे उम्मीद है कि वह इसे भी उजागर करेंगे। इसी क्रम में उन्होंने राम मंदिर पर बोलते हुए कहा कि राम मंदिर आपसी समझ और मेलजोल से बनेगा। वोट के लिए नेता इसे बनने नहीं दे रहे हैं।

 

राज्य मंत्रियों के पास है सबसे ज्यादा गाड़ियां
राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस और लोकसभा स्पीकर को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। दरअसल, वीवीआईपी कल्चर खत्म करने के लिए ये कदम उठाया गया है।

नियमों के मुताबिक 32 केंद्रीय मंत्रियों को लाल बत्ती इस्तेमाल की अनुमति दी जाती है, लेकिन राज्य में मंत्रियों के पास अधिक से अधिक लाल बत्ती की गाड़ियां हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है। पीएमओ से बातचीत के बाद ही सड़क परिवहन की ओर से ये कदम उठाया गया है। कैबिनेट के फैसले के बाद इस नियम का पालन करते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी देखे गए। उनकी कार पर लाल बत्ती नहीं थी।